शिमला। पिछले 24 घंटो में हिमाचल प्रदेश में बुधवार को कोरोना वायरस के 33 नए मामले आए हैं। हिमाचल स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार कांगड़ा जिले में नौ, बिलासपुर तीन, ऊना तीन, सोलन छह, शिमला छह, मंडी एक, कुल्लू चार और हमीरपुर में एक नया मामला आया है। प्रदेश का लाहौल-स्पीति जिला पहले ही कोरोना मुक्त हो चुका है। बुधवार को किसी कोरोना संक्रमित की जान नहीं गई है जोकि प्रदेश के लिए राहत की बात है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 58296 पहुंच गया है। सक्रिय मामले घटकर 354 रह गए हैं। अब तक 56948 संक्रमित ठीक हो चुके हैं और 981 की मौत हुई है।
बिलासपुर जिले में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 22, चंबा पांच, हमीरपुर एक, कांगड़ा 89, किन्नौर सात, कुल्लू 14, मंडी 53, शिमला 40, सिरमौर 26, सोलन 24 और ऊना में 73 है।
नेरचौक मेडिकल कॉलेज में 22 से शुरू होगी ओपीडी
वहीं, लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में सोमवार 22 फरवरी को ओपीडी बहाल होगी। यहां चल रहे कोविड समर्पित अस्पताल को सरकार ने बीबीएमबी चिकित्सालय में शिफ्ट करने की अधिसूचना जारी कर दी है। 11 माह से बंद पड़ी ओपीडी को बहाल करने की तैयारियां भी अस्पताल प्रबंधन ने शुरू कर दी हैं। बुधवार दोपहर मेडिकल कॉलेज नेरचौक के प्राचार्य डॉ. आरसी ठाकुर की अध्यक्षता में विभिन्न विभागाध्यक्षों की बैठक में एसओपी के तहत व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया। ओपीडी बहाल होने से पांच जिलों मंडी, कुल्लू, लाहौल स्पीति, बिलासपुर और हमीरपुर के लोगों को फायदा होगा। इससे जोनल अस्पताल मंडी में भी भीड़ कम होगी। 13 फरवरी को नेरचौक मेडिकल प्रबंधन ने बैठक कर कोविड अस्पताल को बीबीएमबी शिफ्ट करने का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा था।
बुधवार को स्वास्थ्य सचिव ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज में केवल कोविड अस्पताल चलाने की अधिसूचना को डिनोटिफाई कर दिया है। ओपीडी बहाल होने के बाद नेरचौक मेडिकल कॉलेज आने वालों की दो बार थर्मल स्क्रीनिंग होगी। पहली स्क्रीनिंग गेट पर होगी। कोविड के लक्षण पाए जाने पर व्यक्ति को फ्लू ओपीडी में भेजा जाएगा। यहां कोविड टेस्ट (रैट) लिया जाएगा। पंद्रह मिनट के भीतर रिपोर्ट आएगी। पॉजिटिव पाए जाने पर रोगी को बीबीएमबी शिफ्ट कर दिया जाएगा। गंभीर होने पर रोगी को टांडा या शिमला आईजीएमसी रेफर किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य आरसी ठाकुर ने बताया कि गुरुवार से मेडिकल कॉलेज के पूरे कैंपस और कक्षों को सैनिटाइज किया जाएगा। इसमें दो या तीन दिन का समय लगेगा।