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टैक्सी ऑपरेटर्स में रार, देवभूमि यूनियन ने ऑल हिमाचल ऑपरेटरों के अनशन पर उठाए सवाल ,बोले राजनीतिक मंशा से हो रहा विरोध

शिमला : राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में अपनी मांगों को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे ऑल हिमाचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के खिलाफ अब देवभूमि टैक्सी मैक्सी ऑपरेटर यूनियन ने सीधा मोर्चा खोल दिया है। मांगों को लेकर जारी इस लड़ाई के बीच दोनों प्रमुख संगठन आमने-सामने आ गए हैं, जिससे प्रदेश के टैक्सी ऑपरेटरों के बीच बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। देवभूमि यूनियन का स्पष्ट आरोप है कि टैक्सी चालकों की अधिकतर मांगों को सरकार पहले ही मान चुकी है और उन्हें धरातल पर लागू करने के लिए केवल प्रक्रियात्मक समय लग रहा है, ऐसे में अनशन का कोई औचित्य नहीं बनता।
विओ : देवभूमि टैक्सी मैक्सी ऑपरेटर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अजय ठाकुर ने ऑल हिमाचल ऑपरेटरों के अनशन पर सवाल उठाते हुए कहा कि चौड़ा मैदान में बैठे कुछ लोग केवल राजनीतिक मंशा से यह आंदोलन चला रहे हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि धरने के आड़ में प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं, जिसे किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि इस अनशन में आम चालकों का समर्थन नहीं है और केवल इक्का-दुक्का लोग ही वहां मौजूद हैं। अजय ठाकुर का कहना है कि हिमाचल के टैक्सी ऑपरेटर अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का लोकतांत्रिक तरीका बेहतर जानते हैं और सरकार भी उनकी समस्याओं पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
गौरतलब है कि ऑल हिमाचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन केंद्र सरकार के 15 साल वाले ऑल इंडिया परमिट नियम को लागू करने, गाड़ियों की 12 साल की समय सीमा बढ़ाने, पासिंग और वैधता में छूट देने तथा अतिरिक्त ‘स्पेशल टैक्स’ वापस लेने जैसी मांगों को लेकर क्रमिक अनशन कर रही है। हालांकि, देवभूमि यूनियन के इस नए रुख ने पूरे आंदोलन के स्वरूप पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब मांगों पर सहमति बन चुकी है, तो फिर ऑल हिमाचल टैक्सी ऑपरेटरों के इस अनशन के पीछे का असली एजेंडा क्या है? इस बयानबाजी के बाद प्रदेश में टैक्सी ऑपरेटरों के बीच फूट और विवाद और गहरा गया है।
