गर्व के पल: शिक्षा मंत्रालय ने सराहा हिमाचल का ‘स्वाद संगम’, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की तस्वीरें,,हिमाचल के 918 सरकारी स्कूलों में हुआ केरल-हिमाचल Cuisine Exchange कार्यक्रम

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शिमला..भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आयोजित ‘स्वाद संगम’ कार्यक्रम की सराहना की है। मंत्रालय ने इस कार्यक्रम की आकर्षक झलकियां और विद्यार्थियों की गतिविधियों को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा इन गतिविधियों को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर साझा किया जाना हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
‘स्वाद संगम’ कार्यक्रम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान का हिस्सा है। इस राष्ट्रीय पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक, भाषाई, शैक्षिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करना है। इसके तहत राज्यों की जोड़ी बनाई जाती है ताकि विद्यार्थी एक-दूसरे की भाषा, खान-पान, लोक परंपराओं, कला और संस्कृति को करीब से जान सकें। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश को केरल के साथ जोड़ा गया है। जून माह में हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों के 918 सरकारी स्कूलों में केरल-हिमाचल Cuisine Exchange Month का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 18,656 विद्यार्थियों और 2,464 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे महीने स्कूलों में दोनों राज्यों की खान-पान परंपराओं से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

*पारंपरिक व्यंजनों के जरिए बढ़ा सांस्कृतिक जुड़ाव, विद्यार्थियों ने जाना दोनों राज्यों की संस्कृति*
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने हिमाचल और केरल के पारंपरिक व्यंजन तैयार कर दोनों राज्यों की समृद्ध खान-पान संस्कृति को नजदीक से जाना और समझा। स्कूलों में बच्चों ने हिमाचल के प्रसिद्ध धाम, सिड्डू और बबरू के साथ-साथ केरल के सद्या (Sadya), अप्पम (Appam) और पायसम (Payasam) जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए। इस अवसर पर भोजन प्रदर्शनी, व्यंजन प्रदर्शन, स्वाद परिचय सत्र और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को दोनों राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को समझने और उसका सम्मान करने का अवसर मिला।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल के इस प्रयास को सराहा जाना पूरे प्रदेश के लिए सम्मान और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल दूसरे राज्यों की संस्कृति और परंपराओं से परिचित नहीं कराते, बल्कि उनमें राष्ट्रीय एकता, आपसी सम्मान, भाईचारे और विविधता में एकता की भावना को भी मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के सीखने के अनुभव को समृद्ध करती हैं और उन्हें भारत की सांस्कृतिक विविधता को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर प्रदान करती हैं।
एक भारत श्रेष्ठ भारत की राज्य समन्वयक वर्षा सूद ने कहा है कि समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम को शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना ने हिमाचल को नई पहचान दिलाई है।

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