केंद्रीय नारकोटिक्‍स ब्‍यूरो ने ‘ऑपरेशन ब्लैक हॉक’ में अंतरराज्यीय हेरोइन सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया; 18.6 किलोग्राम से अधिक कच्ची हेरोइन जब्त की

Share
SJVN Advertisement
नई दिल्ली। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश इकाइयों के अधिकारियों ने लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के पास लगातार चलाए गए अभियानों में ‘ऑपरेशन ब्लैक हॉक’ को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और कुल 18.64 किलोग्राम कच्ची हेरोइन जब्त की। इस अभियान में अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के तीन प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह प्रतिबंधित मादक पदार्थ उत्तर-पूर्वी राज्य से आया था और उत्तर प्रदेश में खपत के लिए तस्करी किया जा रहा था।

पूर्वोत्तर क्षेत्र से लखनऊ तक मादक पदार्थों की आवाजाही के संबंध में सीबीएन एमपी यूनिट से प्राप्त पहली सटीक जानकारी के आधार पर सीबीएन एमपी और यूपी यूनिट की संयुक्त टीमों ने 20-21 अगस्त 2026 की मध्‍य रात्रि को सुल्तानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर घेराबंदी की।

विभिन्न टोल प्लाजा पर लगातार निगरानी के बाद 21 अगस्त को स्ट्राइक टीम ने लखनऊ के पास असम में पंजीकृत एक हुंडई क्रेटा को रोका। गाड़ी खाली पाई गई और उसमें सवार लोगों ने खुद को निर्दोष बताया। अभियान में शामिल अधिकारियों को तब संदेह हुआ जब पूछताछ करने पर गाड़ी में सवार लोगों ने बताया कि उन्होंने मात्र 500 किलोमीटर की दूरी में चार बार ईंधन भरवाया था। ईंधन टैंक की भौतिक जांच करने पर उसमें से खोखली आवाज आने की पुष्टि हुई। लखनऊ स्थित सीबीएन कार्यालय में तकनीकी सहायता लेकर ईंधन टैंक को खोला गया जिससे एक विशेष रूप से निर्मित डिब्बा मिला जिसमें 16.46 किलोग्राम कच्ची हेरोइन से भरे 25 वाटरप्रूफ पैकेट थे। दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया।

 

 

सीबीएन यूपी यूनिट द्वारा जुटाई गई एक अन्य महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी से पता चला कि सिलीगुड़ी-लखनऊ कॉरिडोर पर एक भारी ट्रक प्रतिबंधित सामान ले जा रहा था। सीबीएन की टीमों ने कई टोल प्लाजाों से गुजरते हुए वाहन का पीछा किया और बाराबंकी के पास उसे रोक लिया। कड़ी तलाशी में वाहन के ढांचे के भीतर विशेष रूप से निर्मित एक गुप्त कक्ष में 2.16 किलोग्राम कच्ची हेरोइन छिपाई हुई मिली। इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया।


तीनों संदिग्धों पर मादक औषधि एवं मनोविकृत पदार्थ अधिनियम, 1985 की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है । परिवहन वाहन और पूरी प्रतिबंधित खेप जब्त कर ली गई है। पूर्वोत्तर में मुख्य आपूर्तिकर्ताओं का पता लगाने और उनसे जुड़े वितरण चैनलों को नष्ट करने के लिए व्यापक वित्तीय और रसद संबंधी जांच चल रही है।

 

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *