कुल्लू दशहरा से दुनिया तक पहुंच रही हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत: मुकेश अग्निहोत्री

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कुल्लू। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा मेला है, जो प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और देव संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचा रहा है। कुल्लू-मनाली का नाम हिमाचल की पहचान के साथ जुड़ा है और कुल्लू दशहरा लंबे समय से पूरे गौरव और उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है। समय के साथ इस उत्सव के स्वरूप में व्यापक बदलाव आया है और आज यह भव्य अंतरराष्ट्रीय आयोजन के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
मुकेश अग्निहोत्री ने यह बात कुल्लू के ढालपुर स्थित रथ मैदान में आयोजित ग्लोबल डांस कार्यक्रम में विभिन्न देशों और प्रदेशों के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने के बाद कही। उन्होंने कहा कि कुल्लू दशहरा के ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ इसके आयोजन में नए आकर्षण भी जुड़ रहे हैं। ग्लोबल डांस कार्यक्रम और राम राज्य की अवधारणा पर आधारित लेजर शो और ड्रोन शो ने मेले की भव्यता को और बढ़ाया है। दुनिया भर के लोग कुल्लू दशहरा का इंतजार करते हैं और यह उत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयां दे रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू दशहरा के स्वरूप में आए बदलाव और इसे अधिक भव्य बनाने के लिए स्थानीय विधायक सुंदर सिंह ठाकुर के प्रयास सराहनीय हैं। आयोजन में नए प्रयोग किए जा रहे हैं, जिससे मेले का आकर्षण बढ़ा है। उन्होंने कुल्लू दशहरा के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई देते हुए आशा जताई कि यह उत्सव भविष्य में भी इसी तरह नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ग्लोबल डांस कार्यक्रम विभिन्न देशों और संस्कृतियों के बीच आपसी समझ, सद्भाव और मित्रता को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। इस बार करीब 15 देशों के कलाकार कुल्लू पहुंचे हैं। ग्लोबल डांस में संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान और मलेशिया सहित विभिन्न देशों के कलाकारों के साथ लद्दाख, स्पीति और हिमाचल प्रदेश के कलाकार भी अपनी पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने अपने-अपने क्षेत्रों की लोक संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली की झलक पेश की।
उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान से हिमाचल के लोगों को दूसरे देशों की संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलता है, वहीं विदेशी कलाकारों को हिमाचल की समृद्ध लोक कला और परंपराओं से परिचित होने का मौका मिलता है। अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की भागीदारी से हिमाचली संस्कृति कमजोर नहीं होती, बल्कि उसकी विशिष्टता और अधिक निखरकर सामने आती है। विभिन्न संस्कृतियों के संगम के बीच हिमाचल की लोक परंपराएं अपनी अलग पहचान बनाए रखती हैं।
ग्लोबल डांस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों और क्षेत्रों के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। पहाड़ी गीत लगा डोलो रा धमाका की धुन पर जब नाटी प्रस्तुत की गई तो विदेशी कलाकार भी इसकी लय पर थिरक उठे। इस सामूहिक नृत्य ने सांस्कृतिक एकता, आपसी सद्भाव और मैत्री का संदेश दिया।
उप मुख्यमंत्री ने भगवान रघुनाथ जी के शिविर में पहुंचकर दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने दशहरा उत्सव में लगाई गई विभिन्न विभागीय प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। इसके अतिरिक्त वह लाल चंद प्रार्थी कला केंद्र में आयोजित कुल्लू दशहरा की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, विधायक कुल्लू सुंदर सिंह ठाकुर, मिल्कफेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, एपीएमसी कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति के अध्यक्ष राम सिंह मियां, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शेष राम आजाद, महासचिव वीरेंद्र कुमार, उपायुक्त कुल्लू अमित कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस. पायसकर, नगर परिषद कुल्लू की अध्यक्ष आशा ठाकुर, उपाध्यक्ष शालिनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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