हिमाचल प्रदेश में चिट्टा मुक्त अभियान के तहत सात जिलों की 17 स्वयंसेवी संस्थाएं हुई एकजुट, नशे के खिलाफ शुरू करेगी प्रदेश व्यापी अभियान

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SHIMLA. हिमाचल प्रदेश में बढ़े रहे नशे को लेकर जहां सत्तापक्ष और विपक्ष एकजुट हुए हैं वहीं समाजसेवी संस्थाएं भी भी नशे के खिलाफ जन जागरण अभियान चला रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के सात जिलों की 17 स्वयंसेवी संस्थाएं ‘ संजीवनी- ए ग्रुप ऑफ NGO’S ” समाजसेवी संस्था के बैनर तले एकत्र हुई है और प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए मिलकर जन जागरूकता अभियान चला रही हैं।

शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान संजीवनी समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष महेंद्र धर्मानी ने बताया कि प्रदेश में चिट्टा के विरुद्ध एक व्यापक अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। संस्था ने बीते दिनों शिमला में कार्यशाला का आयोजन किया , जहां राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल द्वारा चिट्टा मुक्त अभियान को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं , जिनका पालन करते हुए इन संस्थाओं ने प्रदेश भर के लिए आगामी रणनीति तैयार की है । रणनीति के तहत अब प्रदेश के हर एक जिला में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे और स्थानीय संस्थाओं, समूहो और विभिन्न संगठनों को जोड़कर व्यापक स्तर पर प्रदेश में चिट्टा के खिलाफ कार्य करेंगे। पत्रकार वार्ता में धर्मानी ने बताया कि संगठन की कार्यशाला में यह बात सामने आई है कि प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर सरकार, प्रशासन और समाज सेवी संस्थाओं के द्वारा चिट्टा मुक्ति के लिए प्रयास किया जा रहे हैं लेकिन आपसी समन्वय की कमी और विभिन्न विभागों द्वारा जरूरी काम समय पर ना उठाने से यह लड़ाई कमजोर पड़ रही है। आज समाज में चिट्ठा के विरुद्ध एक व्यापक जन जागरूकता की बेहद आवश्यकता है और स्वयं सेवी संगठन ही समाज में इस कार्य को बखूबी निभा सकते हैं जबकि सरकार और प्रशासन को इस लड़ाई में और बेहतर कदम उठाने की आवश्यकता है ।

 

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