इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ, इंडस्ट्री की जरूरतों के लिए तैयार वर्कफोर्स आज की सबसे बड़ी जरूरत है: प्रधानमंत्री

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के राजकोट में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि 2026 की शुरुआत के बाद गुजरात की यह उनकी पहली यात्रा है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज सुबह उन्होंने भगवान सोमनाथ के दिव्य दर्शन किए और अब वे राजकोट के इस भव्य कार्यक्रम में सहभागिता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हर तरफ “विकास भी, विरासत भी” का मंत्र गूंज रहा है। प्रधानमंत्री ने देश और दुनिया भर से वाइब्रेंट गुजरात रीजनल समिट में भाग लेने आए सभी सहयोगियों का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

वाइब्रेंट गुजरात समिट के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जब भी इस सम्मेलन का मंच सजता है, तो वे इसे केवल एक कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखते। उनके लिए यह 21वीं सदी के आधुनिक भारत की वह गौरवशाली यात्रा है, जो एक सपने के साथ शुरू हुई थी और आज अटल विश्वास के शिखर पर पहुँच चुकी है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पिछले दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात की यह यात्रा एक वैश्विक मानक बन गई है। उन्होंने कहा कि अब तक आयोजित इसके दस संस्करणों ने न केवल इस शिखर सम्मेलन की पहचान को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है, बल्कि वैश्विक पटल पर इसकी भूमिका को भी निरंतर सशक्त किया है।

वाइब्रेंट गुजरात समिट के साथ अपने पहले दिन से जुड़ाव को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी ने इसके बदलते स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में इसका लक्ष्य दुनिया को गुजरात की क्षमताओं से परिचित कराना था, ताकि लोग यहाँ आएँ, निवेश करें और इससे भारत के साथ-साथ वैश्विक निवेशकों को भी लाभ हो। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आज यह सम्मेलन केवल निवेश तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह वैश्विक विकास, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और साझेदारी का एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले वर्षों में वैश्विक भागीदारों की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है, जो इस सम्मेलन के समावेशी स्वरूप का एक बड़ा प्रमाण है। श्री मोदी ने कहा कि आज इस मंच पर कॉर्पोरेट समूह, सहकारी संस्थाएं, एमएसएमई, स्टार्टअप्स, मल्टीलेटरल और बाइलेटरल संगठन तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान—सभी एक साथ आते हैं। वे यहाँ न केवल संवाद और चर्चा करते हैं, बल्कि गुजरात की विकास यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछले दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात समिट ने लगातार कुछ नया और विशेष पेश करने की परंपरा कायम रखी है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल समिट इस परंपरा का एक और उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस क्षेत्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य गुजरात के विभिन्न हिस्सों में छिपी हुई अप्रयुक्त क्षमताओं को परफॉर्मेंस में बदलना है। श्री मोदी ने रेखांकित किया कि गुजरात के हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट ताकत है। कहीं विशाल कोस्टल लाइन की शक्ति है, तो कहीं एक लंबी ट्राइबल बेल्ट का विस्तार है। कहीं औद्योगिक क्लस्टरों का एक बड़ा इकोसिस्टम है, तो कहीं खेती और पशुपालन की समृद्ध परंपरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुजरात का प्रत्येक क्षेत्र अपनी अलग विशिष्टता रखता है और यह रीजनल समिट इन्हीं स्थानीय संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की आर्थिक प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है और हाल के वर्षों में भारत ने जो तीव्र प्रगति की है, उसमें गुजरात और यहाँ की जनता की बहुत बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि भारत आज दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है और आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि भारत से वैश्विक उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। श्री मोदी ने रेखांकित किया कि भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने देश की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि आज महंगाई पूरी तरह नियंत्रण में है और कृषि उत्पादन के नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि भारत आज दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर वन है। इसके साथ ही, जेनेरिक दवाओं के उत्पादन में भी भारत पहले स्थान पर है और दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक देश बनकर उभरा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा, “भारत की ग्रोथ फैक्ट शीट दरअसल ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र की सफलता की कहानी है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 11 वर्षों में भारत दुनिया में मोबाइल डेटा का सबसे बड़ा उपभोक्ता बन गया है, और यूपीआई वैश्विक स्तर पर नंबर वन रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है। पुरानी स्थिति को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पहले दस में से नौ मोबाइल फोन आयात किए जाते थे, लेकिन आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अब भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम है, सोलर पावर जनरेशन में टॉप तीन देशों में शामिल है, तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट है, और दुनिया के टॉप तीन मेट्रो नेटवर्क में से एक है।

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