“विकसित भारत के निर्माण के लिए नशा-मुक्त युवा आवश्यक हैं” : डॉ. मांडविया

Share

नई दिल्ली। युवा मामले और खेल मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 का तीसरा दिन भारत मंडपम में बड़े उत्साह और जोश के साथ प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल और श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का प्रेरक संबोधन, इसरो के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ संवादात्मक सत्र, और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

युवा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने उन्हें पूरे देश के लगभग 50 लाख युवाओं में से चुने जाने पर बधाई दी और बताया कि उन्हें उनके संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री और राज्यपालों द्वारा भेजा गया है, जो राज्यों और राष्ट्र द्वारा उनमें जताए गए विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि वी.बी.वाय.एल.डी. के माध्यम से युवा सीधे भारत सरकार से जुड़े हैं और जल्द ही वे अपने विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संवाद बस इस कार्यक्रम के साथ खत्म नहीं हो जाता, बल्कि विकसित भारत के विज़न को वास्तविकता में बदलने की यात्रा अब शुरू होती है।

केंद्रीय मंत्री ने युवा नेताओं से आग्रह किया कि वे माई (एम.वाय.) भारत प्लेटफॉर्म के माध्यम से सक्रिय बने रहें और अपने राज्यों में लौटने के बाद जिला युवा अधिकारियों के साथ जुड़े रहें। उन्हें नशा मुक्त युवा जैसी प्रमुख राष्ट्रीय पहलों का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित करते हुए, उन्होंने नशे को एक गंभीर चुनौती बताया और विश्वविद्यालयों तथा स्कूलों में युवा कनेक्ट जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्थायी पहुँच बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को युवा भागीदारी जुटाने, विकसित भारत पर प्रस्तुतियों को शैक्षणिक संस्थानों तक पहुँचाने, और एक करोड़ युवाओं को माई भारत प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। युवाओं में अपने विश्वास को दोहराते हुए डॉ. मंडाविया ने कहा कि वी.बी.वाय.एल.डी. युवा नेताओं को अपने विचार और क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर देता है। उन्होंने  सफलता की नींव के रूप में अनुशासन और प्रतिबद्धता पर जोर दिया, यह विश्वास व्यक्त करते हुए कि सामूहिक प्रयास विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होंगे।

युवा प्रतिनिधियों का ध्यान वन्दे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने की ओर आकर्षित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने उन्हें इस पर संसद में हुई चर्चाओं से स्वयं को परिचित रखने का आग्रह किया, जिससे वे इस संवाद में अधिक जागरूकता के साथ भाग ले सकें।

दिन की शुरुआत इसरो के अंतरिक्ष यात्रियों और माई (एम.वाय.) भारत स्वयंसेवकों के साथ प्रेरक संवाद के साथ हुई, जिसमें प्रतिष्ठित अंतरिक्ष यात्री नामांकित ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और ग्रुप कैप्टन प्रशांत नायर ने देश भर से आए युवा नेताओं के साथ बातचीत की। दोनों अधिकारी भारतीय वायु सेना के दक्ष पायलट हैं, जिन्हें भारत के प्रमुख गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए चुना गया। इस सत्र ने प्रतिभागियों को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने और उनके सफर, पेशेवर दृष्टिकोण और राष्ट्र के भविष्य के लिए उनके विज़न से प्रेरणा लेने का दुर्लभ अवसर प्रदान किया।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *