पीएम श्री स्कूलों के मेधावी विद्यार्थी ISRO की विज्ञान और अंतरिक्ष तकनीक से होंगे रूबरू, बैंगलोर रवाना,मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं समग्र शिक्षा निदेशक ने विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

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शिमला।  हिमाचल प्रदेश के पीएम श्री स्कूलों के 76 मेधावी छात्र-छात्राओं का दल शैक्षणिक भ्रमण के लिए बैंगलोर रवाना हुआ। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का भ्रमण है, जहां विद्यार्थी भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, उपग्रह प्रक्षेपण प्रणाली, रॉकेट तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान की ऐतिहासिक उपलब्धियों को नज़दीक से जानेंगे। यह अनुभव विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर एवं समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह शैक्षणिक यात्रा उनके ज्ञान, सोच और दृष्टिकोण को व्यापक बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह अनुभव विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना, नवाचार की भावना और राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने में मदद करेगा।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस यात्रा के अंतर्गत विद्यार्थी आज चंडीगढ़ पहुंचेंगे तथा इसके पश्चात कल बैंगलोर के लिए प्रस्थान करेंगे। इस दल में हिमाचल प्रदेश के 9 जिलों से चयनित 76 मेधावी छात्र-छात्राएं शामिल हैं, इनके साथ 8 एस्कॉर्ट शिक्षक भी शामिल हैं, जो पूरे भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों का मार्गदर्शन एवं देखरेख करेंगे। समग्र शिक्षा के अंतर्गत हो रहे इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षाओं की सीमाओं से बाहर निकालकर देश की अग्रणी वैज्ञानिक, शैक्षणिक और नवाचार से जुड़ी संस्थाओं से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना है।

*विद्यार्थी विज्ञान, तकनीक और नवाचार के जीवंत केंद्र बैंगलोर से होंगे रूबरू*
भारत की ‘साइंस और टेक्नोलॉजी कैपिटल’ बैंगलोर में विद्यार्थी प्रमुख तौर पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का भ्रमण कर भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, उपग्रह प्रक्षेपण प्रणाली, रॉकेट तकनीक, उपग्रह अनुप्रयोगों तथा अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में देश की ऐतिहासिक उपलब्धियों को नज़दीक से समझ सकेंगे। ISRO भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी है, जिसने सीमित संसाधनों में चंद्रयान, मंगलयान जैसे सफल मिशनों के माध्यम से भारत को वैश्विक अंतरिक्ष मानचित्र पर सशक्त पहचान दिलाई है। इस भ्रमण से विद्यार्थियों में विज्ञान, तकनीक और नवाचार के प्रति रुचि एवं प्रेरणा विकसित होगी।
जवाहरलाल नेहरू प्लैनेटेरियम में विद्यार्थियों को खगोल विज्ञान, ग्रहों, तारों और ब्रह्मांड की संरचना को वैज्ञानिक एवं रोचक ढंग से समझने का अवसर मिलेगा। वहीं विश्वेश्वरैया इंडस्ट्रियल एवं टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम में विज्ञान के सिद्धांतों को प्रयोगों, मॉडलों और इंटरएक्टिव प्रदर्शनों के माध्यम से सीखने का अनुभव प्राप्त होगा।
HAL हेरिटेज सेंटर एवं एयरोस्पेस म्यूजियम विद्यार्थियों को भारत के विमानन इतिहास, रक्षा तकनीक और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की विकास यात्रा से परिचित कराएगा। इसके अतिरिक्त लालबाग बोटैनिकल गार्डन विद्यार्थियों को जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और वनस्पति विज्ञान के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करेगा। चार दिवसीय इस यात्रा को लेकर विद्यार्थियों में उत्साहित है और वे इसके लिए प्रदेश सरकार एवं समग्र शिक्षा के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।
बता दें कि यह पहला अवसर नहीं है जब प्रदेश के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी इस प्रकार की शैक्षणिक यात्रा पर जा रहे हैं। समग्र शिक्षा द्वारा पूर्व में भी मेधावी विद्यार्थियों को देश-विदेश की शैक्षणिक यात्राओं पर भेजा जाता रहा है। बीते वर्ष 50 मेधावी विद्यार्थियों को कंबोडिया और सिंगापुर की शैक्षणिक यात्रा पर भेजा गया था, जिसकी सराहना केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा भी की गई। हाल ही में विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को चंडीगढ़, अमृतसर और वाघा बॉर्डर जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी कराया गया।

*शैक्षणिक यात्रा सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल : राजेश शर्मा*
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि समग्र शिक्षा द्वारा शैक्षणिक यात्राओं के माध्यम से विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकों की सीमाओं से बाहर निकालकर व्यावहारिक अनुभव, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और व्यापक सोच से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैंगलोर की यह शैक्षणिक यात्रा, जिसमें देश की प्रमुख वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं का भ्रमण शामिल है, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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