शिमला। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड ऑफ ट्रेड बैठक में प्रदेश ने राज्य के व्यापार, निर्यात और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखा। बैठक में हिमाचल का प्रतिनिधित्व उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) आरडी नजीम ने किया। राज्य ने निवेश आकर्षित करने, निर्यात बढ़ाने और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई सुझाव केंद्र सरकार के समक्ष रखे।उद्योग मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई भारत औद्योगिक विकास योजना के लिए आभार जताते हुए कहा कि पहाड़ी राज्यों के लिए प्लग एंड प्ले सुविधा के लिए भूमि मानक घटाकर 25 एकड़ करना एक सकारात्मक कदम है, जिससे निवेश को नई गति मिलेगी।

मंत्री ने जानकारी दी कि सोलन, सिरमौर और ऊना जिलों में चार नए औद्योगिक क्लस्टरों की डीपीआर अंतिम चरण में है, जो जल्द ही केंद्र को भेजी जाएगी।हिमाचल का निर्यात 2003-04 के लगभग 500 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 20,414 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो राज्य की औद्योगिक प्रगति का बड़ा संकेत है।बैठक में बीबीएन औद्योगिक क्षेत्र में डीजीएफटी का सैटेलाइट ऑफिस और ऊना स्थित बल्क ड्रग पार्क मोहाली का सैटेलाइट कैंपस स्थापित करने की मांग रखी गई। इसके साथ ही चंडीगढ़–बद्दी रेल लाइन परियोजना को जल्द पूरा करने पर भी जोर दिया गया, ताकि लॉजिस्टिक्स लागत घटे और उद्योगों की प्रतिस्पर्धा बढ़े।
केंद्र ने हिमाचल के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि पहाड़ी और अन्य विशिष्ट राज्यों की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग स्तर पर चर्चा कर उपयुक्त नीतिगत कदम उठाए जाएंगे।