80वें स्वतंत्रता दिवस पर राज्यपाल ने लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया

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शिमला। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में आज लोक भवन में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राज्यपाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और लोक भवन में तैनात पुलिस गार्ड ने गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया। राज्यपाल ने परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने देश व प्रदेश के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और लोक भवन के कर्मचारियों को मिठाइयां भी वितरित कीं। लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।


राज्यपाल ने देश की स्वतंत्रता के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मैं उन सभी महान् देशभक्तों को पुष्पांजलि अर्पित करता हूं और उन वीर सैनिकों को नमन करता हूं, जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने तथा हमारी सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उनका साहस और बलिदान सदैव हमें प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त, 1947 भारत के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय था, जो अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, समर्पण और संघर्ष से संभव हुआ।
राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल तिरंगा फहराने का अवसर नहीं है, बल्कि यह देश के महानतम राष्ट्रीय पर्वों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह अवसर हमें राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत स्पष्ट दृष्टि, दृढ़ नीतियों और नए आत्मविश्वास के साथ विश्व के सामने खड़ा है तथा विकास के हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की भावना के अनुरूप देश रक्षा क्षेत्र में भी काफी मजबूत और आत्मनिर्भर हुआ है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र यानी ‘विकसित भारत’ बनाने की यात्रा का मार्गदर्शन करने के लिए ‘सप्त धारा’- सात शक्ति धाराआकृ का विजन प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में देश नए आत्मविश्वास के साथ इस लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और कर्मठ जनता के साथ इस राष्ट्रीय प्रयास में पूर्ण योगदान देने तथा वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर हिमाचल और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पास अपने समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और प्रतिभाशाली मानव संसाधन के बल पर राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने की अपार क्षमता है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास एक ऐसे आत्मनिर्भर हिमाचल प्रदेश का निर्माण करना होना चाहिए, जहां विकास समावेशी हो, समाज के प्रत्येक वर्ग तक अवसर पहुंचें और विकास पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ रहे।
उन्होंने प्रदेशवासियों से सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और समावेशी विकास के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से नवाचार, उद्यमिता, शिक्षा, खेल और जनसेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने विशेष रूप से युवाओं से नशे से दूर रहने तथा ‘नशा मुक्त हिमाचल’ अभियान से पूरी प्रतिबद्धता के साथ जुड़ने का आह्वान किया ताकि एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सके। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की संवदेनशील पारिस्थितिकी और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से एक मजबूत, समृद्ध, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने तथा प्रगतिशील, समृद्ध और आत्मनिर्भर हिमाचल प्रदेश के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प दोहराने का आह्वान किया।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश और देश की शांति, प्रगति एवं समृद्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल ने लोक भवन में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय की स्मृति में एक पट्टिका का भी अनावरण किया। पट्टिका पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छंद अंकित हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक विशेष और गौरवपूर्ण स्थान रखता है तथा आज भी यह देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को प्रेरित करता है।

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