करसोग। कृषि विभाग विकास खंड करसोग द्वारा आत्मा परियोजना के अंतर्गत किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुराना बाजार करसोग में एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। शिविर में करसोग विकास खंड की 8 पंचायतों के करीब 100 किसानों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री नेकराम शर्मा रहे।
पद्मश्री नेकराम शर्मा ने किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक किया और मिलेट्स को उगाने और इसके उपयोग संबंधी जानकारी किसानों के साथ साझा की साथ ही देशी बीजों के महत्व के बारे में किसानों को विस्तार पूर्वक बताया।
उप परियोजना निदेशक आत्मा मंडी डॉ. सोनल गुप्ता ने किसानों को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, आत्मा तथा राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की के लिए 50 रुपये प्रति किलोग्राम, गेहूं के लिए 80 रुपये प्रति किलोग्राम तथा हल्दी के लिए 150 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने तथा एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीकरण करवाने का आग्रह किया।
खंड तकनीकी प्रबंधक मोहित कुमार ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों को तैयार करने और उनके उपयोग की विधि समझाते हुए किसानों से देसी बीजों के संरक्षण और अधिक से अधिक उपयोग का आग्रह किया।
एटीएम लेखराज ठाकुर ने प्राकृतिक खेती के माध्यम से मिट्टी की उर्वरा शक्ति, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के उपायों की जानकारी दी व रासायनिक खादों से होने वाले दुष्प्रभावों से अवगत करवाया।
शिविर में सोनाली महाजन ने किसानों को प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्रदान की और प्राकृतिक खेती के तहत दिए जाने वाले विभिन्न अनुदानों के प्रति किसानों को अवगत करवाया।
उद्यान विभाग के उद्यान विकास अधिकारी डॉ. विजय कुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, कृषि यंत्रों तथा पौधों पर दिए जाने वाले अनुदानों की जानकारी प्रदान की। शिविर में किसानों को दोपहर के भोजन के साथ-साथ मटर का बीज भी वितरित किया गया।
कार्यक्रम में खंड किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष गीता राम सोनी, सदस्य भीम सिंह, नरेंद्र कुमार, लालमन, चमेलू देवी कश्यप , बहादुर सिंह सहित विभिन्न पंचायतों के प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
