
शिमला..युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत मेरा युवा भारत (MY Bharat), शिमला द्वारा आज राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मशोबरा, शिमला के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस (IDDRR) 2026 का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और छात्रों को आपदा तैयारियों के महत्व के बारे में जागरूक करना और आपदा-प्रतिरोधी समुदाय का निर्माण करना था, विशेष रूप से इस संदर्भ में कि हिमाचल प्रदेश एक आपदा-प्रवण पहाड़ी क्षेत्र है जो भूकंप, भूस्खलन, अचानक बाढ़ और जंगल की आग के प्रति संवेदनशील है।
*श्रीमती मीनाक्षी सूद, प्रधानाचार्य, राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मशोबरा* ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने जोर दिया कि जागरूकता और तैयारी आपदाओं के दौरान जान-माल के नुकसान को कम करने की दिशा में पहला कदम है और छात्रों से अपने परिवारों और इलाकों में सुरक्षा के दूत बनने का आह्वान किया।
*श्री विपिन कुमार, उप-निदेशक, मेरा युवा भारत, शिमला* ने कार्यक्रम का संचालन किया और सामुदायिक-आधारित आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रयासों में MY Bharat स्वयंसेवकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस का मुख्य उद्देश्य आपदा आने के बाद केवल प्रतिक्रिया करने के बजाय रोकथाम, शमन और तैयारी की संस्कृति को बढ़ावा देना है। यह दिवस आपदा जोखिमों को समझने, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने, लचीले बुनियादी ढांचे में निवेश करने और समुदायों, विशेष रूप से युवाओं को त्वरित और सुरक्षित रूप से कार्य करने के लिए ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर देता है।
इस संदर्भ में, *हिमाचल प्रदेश होमगार्ड तृतीय वाहिनी के प्लाटून हवलदार श्री मनोज कुमार और श्री रमेश ठाकुर* द्वारा विस्तृत तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं, भूकंप, भूस्खलन और आग की घटनाओं के दौरान क्या करें और क्या न करें, आपातकालीन किट का महत्व, निकासी योजना और सामुदायिक प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने जोर दिया कि समय पर कार्रवाई, सूझबूझ और समन्वित प्रतिक्रिया से हताहतों की संख्या में काफी कमी आ सकती है।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण भूकंप सुरक्षा और निकासी पर लाइव मॉक ड्रिल था। ड्रिल के दौरान छात्रों को ‘झुको-ढको-पकड़ो’ (Drop-Cover-Hold) तकनीक, चिन्हित निकास मार्गों से कक्षाओं से सुरक्षित निकासी, मानव श्रृंखला बनाना, अस्थायी स्ट्रेचर का उपयोग करके घायल व्यक्तियों को ले जाना, बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा और भीड़ प्रबंधन में प्रशिक्षित किया गया। संसाधन व्यक्तियों ने यह भी प्रदर्शित किया कि कैसे बिजली और गैस की आपूर्ति बंद करनी है, अग्निशामक यंत्रों का उपयोग कैसे करना है और प्रभावित लोगों को मनोवैज्ञानिक प्राथमिक उपचार कैसे प्रदान करना है। ड्रिल ने छात्रों को व्यावहारिक अनुभव दिया और वास्तविक जीवन की आपातकालीन स्थितियों में प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया करने के लिए उनका आत्मविश्वास बढ़ाया।
250 से अधिक छात्र और छात्राओ ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और अपने स्कूल और गांव को आपदा-प्रतिरोधी बनाने के लिए आपदा जोखिम जागरूकता को बढ़ावा देने और प्रशासन का समर्थन करने की शपथ ली।
तरुण शर्मा, राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक, मेरा युवा भारत, शिमला द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया तथा होमगार्ड के मुख्य अतिथि और प्रशिक्षकों को सम्मान प्रतीक भेंट किए गए।
