
मुंबई। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह श्याम और प्रबंध निदेशक विनय सिंह ने आज भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुंबई स्थित उनके कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान बैंक से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैंक प्रबंधन ने गवर्नर का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने 13-14 सितंबर, 2025 को शिमला में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में भाग लिया था। साथ ही यह भी बताया गया कि सम्मेलन के दौरान सहकारिता क्षेत्र से संबंधित उठाई गई अधिकांश मांगें पूरी हो चुकी हैं।
बैठक में बैंक प्रबंधन ने RBI द्वारा 28 नवंबर, 2025 को जारी उन दिशा-निर्देशों का मुद्दा भी उठाया, जिनके तहत सहकारी बैंकों को संस्थागत ऋणों से जुड़ी अल्पावधि नकद साख ऋण (शॉर्ट टर्म कैश क्रेडिट लिमिट) सुविधा प्रदान करने पर रोक लगाई गई थी। बैंक ने इस सुविधा को पुनः शुरू करने का आग्रह किया, ताकि ऋण पोर्टफोलियो का विस्तार किया जा सके।
अध्यक्ष देवेंद्र सिंह श्याम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक प्रदेश का प्रमुख वित्तीय संस्थान है। हिमाचल जैसे छोटे और पहाड़ी राज्य में संसाधनों की सीमित उपलब्धता के कारण बड़े ऋण परियोजनाओं के वित्तपोषण की संभावनाएं कम रहती हैं। ऐसे में जिन संस्थागत ऋण मामलों में राज्य सरकार कोलेटरल सिक्योरिटी उपलब्ध कराती है, उनमें सहकारी बैंकों को ऋण देने की अनुमति दी जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि अब तक बैंक द्वारा सरकारी गारंटी के तहत दिए गए ऋणों में अदायगी को लेकर किसी प्रकार की चूक नहीं हुई है। इस पर गवर्नर ने मामले पर सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान प्रबंध निदेशक विनय सिंह ने बैंक की वर्तमान CBS प्रणाली से फिनैकल 10.2.25 संस्करण में माइग्रेशन की प्रगति की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि माइग्रेशन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर नई प्रणाली को लागू कर दिया जाएगा, जिससे ग्राहकों को आधुनिक और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी।
इसके अलावा बैंक प्रबंधन ने केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में बैंक की शाखा खोलने का प्रस्ताव भी गवर्नर के समक्ष रखा। देवेंद्र सिंह श्याम ने कहा कि चंडीगढ़ हिमाचल प्रदेश का प्रमुख प्रवेश द्वार है और प्रदेश के बड़ी संख्या में लोग चिकित्सा, व्यापार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए वहां जाते हैं। विशेष रूप से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ पर प्रदेश की जनता निर्भर रहती है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक को अंतरराज्यीय शाखा खोलने की विशेष अनुमति देने का भी आग्रह किया। इस पर RBI गवर्नर ने मामले की सकारात्मक समीक्षा करने का आश्वासन दिया।