मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्पीति दौरा जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब स्पीति के विकास को नई दिशा एवं गति देने की पहल

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के दुर्गम जनजातीय क्षेत्र स्पीति में विकास की संभावनाओं को नई दिशा देने और स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का दो दिवसीय काजा दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। यह दौरा केवल विकास योजनाओं की घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें जनसंवाद, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, बिजली आपूर्ति में सुधार, पर्यटन को प्रोत्साहन और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की व्यापक रूपरेखा सामने आई।
मुख्यमंत्री ने दौरे के दौरान स्पीति के दुर्गम और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जनजातीय सीमावर्ती क्षेत्रों में 116.28 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए।
उन्होंने प्रदेश सरकार के महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत स्पीति घाटी के रंगरिक में रात्रि प्रवास किया। प्रवास के दौरान उन्होंने मंजुश्री में जनसमस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने रंगरिक स्थित स्वास्थ्य उप-केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्तरोन्नत करने तथा नए बालिका छात्रावास के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की।
स्पीति के विकास की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण पहल कुंजुम पास के नीचे टनल निर्माण के लिए सर्वेक्षण करवाने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करना शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस टनल के निर्माण के लिए प्रयासरत है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम की चुनौतियों से प्रभावित इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क पर्यटन, व्यापार, आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय आजीविका के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
इसी प्रकार, स्पीति घाटी के रोंगटोंग में निर्मित बैटरी स्टोरेज से संचालित प्रदेश के पहले सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। इस संयंत्र से प्रति वर्ष लगभग 36 लाख यूनिट बिजली उत्पादन होने की संभावना है। जिला किन्नौर के समदो तथा काजा में 47.95 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 66/22 केवी विद्युत उप-केन्द्रों की आधारशिला भी रखी। समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिस पर लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्पीति में बिजली की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री जब 15 अप्रैल, 2023 को हिमाचल दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अवसर पर काजा आए थे, उस समय स्थानीय लोगों ने बिजली की समस्या उनके समक्ष रखी थी। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों को इस समस्या के समाधान के प्रति आश्वस्त किया था और आज इस दिशा में परिवर्तन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। स्पीति में निर्बाध बिजली आपूर्ति केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित विषय नहीं है। इसका सीधा संबंध शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन, शीतकालीन खेलों और स्थानीय व्यवसायों से भी है। बिजली की बेहतर उपलब्धता से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा, स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और पर्यटन आधारित गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार आने वाले समय में स्पीति के विकास पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। यह प्रस्तावित निवेश क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विस्तार और लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार के उद्देश्य को रेखांकित करता है।
स्पीति घाटी को प्राकृतिक खेती क्षेत्र बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री के दौरे का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू रही। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय कृषि परंपराओं, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ आजीविका के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा।
मुख्यमंत्री ने काजा में हेलिपोर्ट निर्माण के लिए सर्वेक्षण करवाने का आश्वासन भी दिया। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क सुविधाएं और बेहतर होगी।
मुख्यमंत्री का काजा स्थित सीबीएसई स्कूल का दौरा इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण मानवीय पक्ष रहा। विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद के दौरान उन्होंने उनकी शैक्षणिक और आवासीय समस्याओं को सुना तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने आगामी शैक्षणिक सत्र से नैतिक शिक्षा शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके लिए पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। पर्यावरण अध्ययन को पाठ्यक्रम में शामिल करने के विद्यार्थियों के सुझाव की भी उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तभी मानव जीवन भी सुरक्षित रह सकेगा।
मुख्यमंत्री ने काजा में कॉलेज खोलने की संभावनाएं तलाशने की बात कही। इसके साथ ही स्पीति के विद्यार्थियों के लिए विशेष कोचिंग सुविधा उपलब्ध करवाने और स्किल ट्रेनिंग कोर्स शुरू करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन से संबंधित विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने पर विचार करने की बात भी कही। इससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र की परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगारपरक कौशल प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
स्पीति जैसे दूरस्थ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता जीवन की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने काजा में स्त्री रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करने की घोषणा की। इससे स्थानीय लोगों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए दूरस्थ क्षेत्रों की यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी।

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